जिलाः रामगढ़ रिपोर्ट रविकांत/तपन
अरगड्डा गुरुवारी बाजार में सब्जी बेचता गुपचुप विक्रेता बनारसी
अरगड्डा गुरुवारी बाजार में सब्जी बेचता गुपचुप विक्रेता शंकर
अरगड्डा गुरुवारी बाजार में सब्जी बेचता पकौड़ी विक्रेता शिवा
पूरे देश सहित राज्य में कोरोना महामारी के वजह से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। कमाने खाने वालों के बीच खाने की आफत आन पड़ी है। अरगड्डा में भी इसका खासा असर देखा जा रहा है। कोरोना यहां के अरगडा सामुदायिक चौक और बाजार पर ठेले लगाकर गुपचुप, पकौड़ी, चाय की दुकान चलाने वालों की किस्मत बदल कर रख दी है। वह सभी अब अपना चलता हुआ व्यवसाय छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। अपने- अपने परिवारों का भरण पोषण करने की भी जिम्मेदारी इन्हीं के ऊपर है। आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए सब्जी विक्रेता बने सभी ठेले वाले इसी संघर्ष को और कोरोना से लड़ने की प्रेरणा से तप कर इन्होंने अब बीते 16 दिनों के लांकडाउन अंतराल के बाद अरगड्डा के बाजारों में सब्जी की दुकान लगाकर कुछ कमाने का जरिया ढूंढ रहे हैं। हालांकि इस व्यवसाय में इनका यह पहला कदम है। जो भी पूंजी इन्होंने लगाई है। आगे इससे क्या मुनाफा होगा, इन्हें नहीं पता बस सब्जी बेचकर जो आमदनी हो इससे अपने परिवार का भरण पोषण हो जाए, इनके लिए यही काफी है। इसे लेकर गुपचुप विक्रेता शंकर बतलाते हैं कि हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था, कि ऐसी कोई भयंकर महामारी आएगी, जो हमारे चलते फिरते धंधे को भी बंद कर देंगी। वही गुपचुप विक्रेता बनारसी कहते हैं कि गुपचुप प्रतिदिन लोगों को खिलाने के बाद एक निश्चित आमदनी की जरिया था। जो समाप्त हो गया। सब्जी सप्ताह में हाट में लगाकर जो कमाई हो रही है। वह नाकाफी है। इधर पकौड़ी चाय ठेला चलाने वाले शिवा कहते हैं कि प्रतिदिन अरगड्डा बाजार में अपने ग्राहकों को पकौड़ी, चाय ठेला लगाकर एक सरल और सुविधा पूर्ण जीवन यापन की आमदनी थी। लेकिन अब या नहीं रहा। घर चलाने के लिए सब्जी बेचकर संघर्ष कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अरगडा क्षेत्र के लोग कोरोना इफेक्ट से बदले हांलात को देखकर अचंभित है, वे सभी क्षेत्र में बदलते दौर और प्रतिदिन कमाने खाने वालों के चलता बिजनेस बललना एक सपने की जैसा अनुभूति देने वाला हो गया है। यहां के सभी सीसीएल कर्मी, ठेकेदार, सरकारी, गैर सरकारी शिक्षक कमाने खाने वाले कामगार कोरोना के साथ बढ़ते लड़ाई के बीच अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। सभी इसे लेकर अपने क्षेत्र के सुरक्षा के लिए भी ऊपर वाले से मना रहे है। साथ ही एक दूसरे को टेलीविजन अखबारों के माध्यम से मिलने वाले खबरों से भी रूबरू करा कर सुरक्षित, सतर्क रहने का भी संदेशों का आदान प्रदान कर रहे हैं। आगे देखना होगा कि यह कोरोना कितने लोगों का तकदीर बदलने वाला साबित होगा।



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