जिला रामगढ़ रिपोर्ट आरकांत
सिरका परियोजना आंफिस के समक्ष घेरा बना हुआ
सिरका न्यू डंफर यार्ड में सन्नाटा का दृश्य
सीसीएल के सिरका परियोजना कार्यालय और खुली खदान प्रतिष्ठान न्यू डंफर यार्ड आदि क्षेत्रों में इन दिनों कोरोना महामारी का असर देखा जा सकता है। यहां के अधिकांश क्षेत्रों में प्रतिदिन कर्मचारियों और मजदूरों की भीड़-भाड़ रहती थी। सभी अपने अपने कार्य के लिए इधर-उधर भ्रमण करते दिखाई पड़ते थे। लेकिन जैसे-जैसे राज्य में और आस-पास के जिलों में कोरोना महामारी की फैलने और इससे हानी के समाचार जानने के बाद यहां के कामगार अपने प्रतिष्ठानों में काम तो कर रहे हैं। लेकिन एक दूसरे से काफी दूरी बनाकर काम करने को मजबूर है। इसे लेकर कामगार सोमवार को बताते हैं कि सिरका खुली खदान में चलने वाले भारी वाहन हॉलपेक, पेलोडर, शांवेल मशीन, ड्रिल मशीन, पोकलेन जैसे मशीनों में तकनीकी खराबी या मेंटेनेंस करने के दौरान भी कई मजदूरों को एक साथ जमा होकर काम करना पड़ता था, जबकि ये कामगार जिला रामगढ़ और हजारीबाग क्षेत्रों के विभिन्न ग्रामीण, शहरी और कोलियरी जगहो से आते हैं। इस वजह से भी कामगार आपसी दूरी बनाने लगे हैं। इसका कारण कोरोना इफेक्ट को बताया जा रहा है। कई मजदूर तो यहां तक कह रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में यदि आस-पास के जिलों में कोरोना का आंकड़ा बढ़ता है, तो काम से छुट्टी लेकर घर पर ही अपने परिवार के साथ सुरक्षित रहेंगे। वहीं सुरक्षा को लेकर सिरका ऑफिस के सामने कर्मचारियों और जरूरतमंद लोगों के आने जाने के लिए दूरी वाले घेरे भी बनाए गए।


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