रिपोर्ट आरकांत/ तपन
विश्व नर्स दिवस पर मंगलवार को दहेज मुक्त झारखण्ड और राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यरो ने रामगढ़ नईसराय CCL अस्पताल में नर्स दीदी के साथ विश्व नर्स दिवस पर अस्पताल में केक काटकर मनोबल बढ़ाया। जहां covid-19 में पूरा विश्व महामारी से जूझ रहा है। वही पर अपना परिवार सबकुछ छोड़कर जान पर खेलते हुए हमारी सेवा और रक्षा करते आ रही है,इस खुशी की घड़ी में दहेज मुक्त झारखण्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि नर्स का दर्जा एक माँ और बहन का दर्जा दिया गया है,जब हम बीमार पड़ते है तो अस्पताल में नर्स दीदी माँ या बहन बन कर हमारी सेवा करती है वही मानवाधिकार के कबीर क्याल जी ने कहा कि नर्स दीदी भगवान से भी बढ़कर है,हमारे दुःख सुख में सबसे ज्यादा सेवा और मनोबल बढ़ाने का काम करती है, धन्य है नर्स दीदी जो हम सभी का सेवा दिल लगाकर करते रहती है इन सभी देवियों को मेरा सैलूट , सभी नर्स दीदी ने हमारी संगठन को धन्यवाद दिया ,वही दहेज मुक्त झारखण्ड के राष्ट्रीय संस्थापक डॉ आनन्द कुमार शाही और राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजय प्रसाद ने विश्व के सभी नर्स दीदी को इस covid-19 जैसे महामारी में सबसे बड़ी सुरक्षा कवच बताया है,अगर नर्स दीदी नही होती तो दुनिया इतनी बड़ी नही होती,सेवा सत्कार सबसे ज्यादा इन्ही से मिलता है ,दहेज मुक्त झारखण्ड की प्रदेश संरक्षक अन्नू सिन्हा ने कहा की आज सुकून मिलता है हम बहनों को की आज देश मे हर संभव कितना भी खतरनाक बड़ा स बड़ा मामला हो हमारी बहन बेटियां ही भार उठाते आ रही है इस कार्यक्रम में संतोष विश्वाश,अंकित सिंह,डॉ अनिल कुमार, डॉ अरविंद ठाकुर, डॉ एन. पंडित, डॉ एस. आर्य, डॉ मिथलेश पाल, डॉ पी.पाल, शुभाष पात्रा, मुकेश कुमार,अनिता बरोई,ए हारो, एम.एस एकता, एच मिराज, नीलिमा,शकीला, ए तोपो अन्य नर्स उपस्थित रही।


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