रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड
- एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल अध्यक्ष सह राज्य कोर कमिटी सदस्य भगवान तिवारी ने प्रेस बयान दिया है। इसमें उन्होंने दुखः प्रकट करते हुए कहां कि आज आम पारा शिक्षक जिस उद्देश्य के साथ झारखंड सरकार का गठन करने में अपना योगदान दिया। उस अनुपात में पारा शिक्षकों के साथ स्थिति वही बनी हुई हैं। जो पूर्व की सरकार में बनी हुई थी । अफसोस के साथ कहना पढ़ रहा हैं कि ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर पारा शिक्षकों को दो माह अप्रैल और मई का मानदेय नही दुसरी और सरकारी शिक्षकों को मई माह का सरकार ने अग्रमी वेतन भुगतान कर दी । आखिर यह दोहरी नीति सरकार हम पारा पर ही क्यों उपयोग करती हैं । एक तरफ सरकारी शिक्षक ईद जैसे त्योहार को खुशी खुशी अपने बाल बच्चों के साथ मनाऐंगें। वही हमारे मुस्लिम पारा शिक्षक पैसे के अभाव में अपने बाल बच्चों को एक चोकलेंट तक खरीद कर दे नही सकेंगे ।आखिर पारा शिक्षक के साथ जुल्म क्यों। क्यों हमें भुखों मरने के लिए छोड़ दिया जाता हैं। यही स्थिति बनी रहे इसलिए हमलोगों ने झारखंड में सत्ता का परिवर्तन किया। इसीलिए झारखंडी सरकार का निर्माण किया। ताकी झारखंडी पारा शिक्षकों को समय पर मानदेय मिले। इतने बडे़ ईद का त्योहार में पारा शिक्षक को मानदेय ना मिलना दुखद हैं। सरकार की दोहरी नीति पारा के प्रति दर्शाती हैं।
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