रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड
संयुक्त मोर्चा सदस्य धरना प्रदर्शन करते हुए।
संयुक्त मोर्चा सदस्य धरना प्रदर्शन करते हुए।
- प्रबंधन को 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा
अरगड्डा जीएम ऑफिस गेट के समक्ष शुक्रवार को क्षेत्र के संयुक्त मोर्चा के द्वारा कमर्शियल माइनिंग और कोल ब्लॉक आवंटन नीलामी के विरोध में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संयुक्त मोर्चा कार्यकर्ताओं ने प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी प्रतिनिधि अपने हाथों में बैनर पोस्टर लेकर दूरी बना धरने में बैठ गए। सभा को कॉमरेड मिथिलेश सिंह, कन्हैया सिंह, बैजनाथ मिस्त्री, सुशील कुमार सिन्हा,धनेश्वर तुरी, अरुण कुमार सिंह, गौतम बनर्जी बिजेंद्र प्रसाद, रामजी सिंह, कमरुद्दीन खान सीपी संतन, जगनारायण बेदिया, देवनाथ महली आदि ने संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि सरकार मजदूरों के साथ भेदभाव रवैया अपना रही है। बाहर फंसे मजदूरों के लिए सुलभ व्यवस्था इंतजाम करने में नाकाम है। कोरोना महामारी की आड़ में गलत और असंवैधानिक फैसले लिए जा रहे हैं। जो देश के लिए घातक सिद्ध होने वाले हैं। इसके बाद पीएम, कोयला मंत्री नई दिल्ली, चेयरमैन सीआईएल, सीएमडी सीसीएल के नाम अरगडा प्रबंधन को 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में निजी मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए कमर्शियल माइनिंग को तत्काल बंद करने, कोयला उद्योग मैं विनिवेशीकरण और शेयर बेचने बंद करने, कोयला ब्लॉकों की नीलामी रोकने, कोयला उद्योग के असंगठित मजदूरों को समान वेतन लाभ हाई पावर कमेटी के अनुसार भुगतान करने, श्रम कानून को साजिश कर बंद करने को छोड़ इसे सख्ती से लागू करने, मजदूरों के 12 घंटे कार्य अवधि नीति वापस लेकर 6 घंटे का अवधी करने, कोयला उद्योग को आधारभूत संरचना वाला उद्योग घोषित करने आदि मांग रखी है। इस पर अमल नहीं करने पर आंदोलन का बिगुल बजाने की घोषणा भी की है। मौके पर नागेश्वर महतो, बिंदेश्वरी सिंह, मधुसूदन सिंह, राजू गुप्ता, सियाराम साहा, शंभू कुमार, गिरधारी बेदिया, चंदन कुमार, दशरथ करमाली, चंद्रशेखर वर्मा, शशि सिंह, मंगरु, महेश, जितेन्द्र समेत कई उपस्थित थे।


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