Monday, 4 May 2020

भारतीय मजदूर संघ पत्रकार को बदनाम और धमकी देने वालों के खिलाफ करेगा आंदोलन- शंकर

                         रिपोर्ट तपन झारखंड


 भारतीय मजदूर संघ जिला मंत्री हजारीबाग शंकर सिंह ने प्रेस बयान देते हुए कहा है कि पत्रकारों पर आघात पहुंचाने वाले समाज पर आघात पहुंचाने वाले हैं। जिन्होंने इस प्रकार का दुस्साहस किया है। उन लोगों के खिलाफ संगठन कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार देश और समाज का वह आइना है जिससे समाज में हो रहे गतिविधियों की जानकारी मिलती है। हमें मीडिया से  सभी तरह के खबरें मिलती है। देश में मीडिया संचार माध्यम का बहुत बड़ा आधार है। मीडिया कर्मियों पर चोट करना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर चोट करना है। इसी तरह की चोट जिला रामगढ़ के सिरका क्षेत्र के युवा पत्रकार रविकांत के ऊपर किया गया है। कहा कि फेसबुक और व्हाट्सएप पर कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा मीडिया के रिपोर्टिंग को चुनौती देते हुए। महिला से जबरन बुलवाकर मीडिया कर्मी को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। जिसका बीएमएस कड़ी शब्दों में निंदा करता है। साथ ही ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए क्षेत्र के मजदूर, किसान, आम जनमानस से एकजुट होने की अपील करता है। चुंकी ऐसे असभ्य लोगों के कारण क्षेत्र की समस्याएं सभी के सामने उभर कर नहीं आ सकती है। समाचार पत्र मैं 26 अप्रैल को गरीब असहाय की मदद की खबर छपने के बाद असामाजिक तत्व की बौखलाहट बढ़  गई है। इसका कारण सच्चे कलम की ताकत है। असामाजिक तत्व के द्वारा लगातार गरीबों की फोटो खिंचवा कर फेसबुक पर ही इधर से उधर भेजकर अपने मदद करने वाले खबर को फैलाकर गरीबों का मजाक बनाया जा रहा है। ऐसे असामाजिक तत्व जो समाज में रहकर समाज के सच्चे कलम के सिपाहियों को भयभीत करने का भी काम कर रहे हैं। इसके खिलाफ आवाज बुलंद होगी। देश सहित राज्य में कोरोना महामारी को लेकर लांकडाउन की स्थिती सभी जगह बनी हुई है। इस स्थिति को अपने कैमरे में कैद करने वाले पत्रकारों को भ्रष्टाचारी तबके के लोग भी धमकी देकर गरीबो की खबर नहीं छापने को कह रहे हैं। ऐसे लोगों के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। इन सभी असामाजिक तत्व के पूर्व के क्रियाकलापों और आय के स्रोतों जांच होनी चाहिए। स्वतंत्र जांच होने के बाद ही इन सबो की अवैध अर्जित की हुई धन के बारे में सरकार को पता चल जाएगा। यह असामाजिक तत्व क्षेत्र में जुआ- सट्टा, कालाबाजारी, सीएमपीएफ घोटाले, अवैधकार्य कर धन अर्जित कर रहे हैं। साथ ही अपने काले कारनामे को छिपाने के लिए दिन के उजाले में भलाई का ढोल बजा रहे हैं। इससे निपटने के लिए बीएमएस के योद्धा लॉकडाउन समाप्त होते ही मैदान पर उतर आएंगे। जबकि इससे पूर्व सरकार से यह मांग करते हैं कि जिन्होंने पत्रकार और सच्चाई का समर्थन करने वाले आदिवासी नेता को धमकाने की कोशिश की है। उन सभी पर कार्रवाई करने संबंधी मांग पत्र भेजेंगे। जिससे समाज के चौथे स्तंभ की रक्षा को बल मिल सके। साथ ही गरीबों की आवाज में अपना समर्थन देने वाले युवा आदिवासी नेताओं को आगे बढ़ने में प्रोत्साहन मिल सके।

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