Monday, 11 May 2020

गरीब महिला पर दबाव डालकर वीडियो बना पत्रकार को बदनाम करना भुईयां समाज नहीं बर्दाश्त करेगा- दिलीप

                          रिपोर्ट तपन झारखंड
रामगढ़ भुईयां समाज जिला अध्यक्ष सह झामयू केंद्रीय सचिव दिलीप भुईयां 

कोयलांचल अरगडा क्षेत्र में बीते 26 अप्रैल को गरीबों की आवाज बुलंद करने वाले युवा पत्रकार को बदनाम करने का मामला गर्म होता जा रहा है। इसे लेकर पूरे अरगड्डा-सिरका सहित रामगढ़ जिले में असामाजिक तत्वों के खिलाफ सामाजिक संगठन एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने वाले पत्रकार के साथ खड़े होने को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। इसे लेकर सोमवार को अखिल भारतीय भुईयां समाज कल्याण समिति के जिला रामगढ़ अध्यक्ष सह झारखंड मजदूर यूनियन के केंद्रीय सचिव दिलीप भुईयां ने प्रेस बयान जारी किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि विगत कई दिनों से अरगडा- सिरका क्षेत्र में गरीब की आवाज दबाने वाले असामाजिक तत्व के ऊपर कई सामाजिक संगठनों ने अपने बयान जारी कर गरीबों की आवाज दबाने वाले असभ्य लोगों के प्रति अपना रोष जाहिर कर दिया है। यह लोकतंत्र में बहुत ही अच्छी पहल है। गरीबों की आवाज लिखने वाले युवा पत्रकार रविकांत जी के साथ हर तबके और समाज के लोग लगातार संपर्क साधे हुए हैं। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों के इस एकजुटता के लिए धन्यवाद भी दिया है। कहा है कि ऐसी गलत बातें जो समाज में हरिजन- आदिवासी बहुल लोगों की परेशानी और जरूरतों को दबाने के लिए लगातार साजिश कर रहे हैं। जिसे यहां के स्वच्छ पत्रकार के द्वारा अपने लेखन से लिखकर गरीबों की जरूरत व मदद को पहुंचाने का जो काम किया गया है। उसके लिए भुईयां समाज उन्हें बधाई देता है। साथ ही यह घोषणा करता है कि गरीबों पर जो भी लोग अत्याचार करेंगे। उसे भुईयां समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। पत्रकारों को जो डराने धमकाने का काम करेंगे। उन्हें समाज का कोप का भाजन बनना पड़ेगा। ऐसे लोगों की वजह से ही क्षेत्र और समाज का नाम बदनाम होता है। जो लोग शराफत की आड़ में समाज में असंतुलन करना पैदा करना चाहते हैं। उनका षड्यंत्र अरगडा- सिरका समेत क्षेत्र के गांव टोंगी, कंजगी, पडरिया बुमरी, चपरी, हेसला, मनुवां, फुलसराय के ग्रामीण भली-भांति जानते हैं। असामाजिक तत्व के वर्तमान और भूतकाल के कारनामों की भी जांच होनी चाहिए। जिन्होंने पत्रकार के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उसे लेकर समाज में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और गलत लोगों के चेहरे से अच्छाई का मुखौटा हटाया जाएगा। साथ ही युवा पत्रकार को भुईयां समाज अपनी ओर से सम्मान देकर गरीबों की आवाज बुलंद करने के लिए लगातार प्रेरित करता रहेगां। चुंकी कलम की ताकत से ही देश में क्रांति आई थी। तब जाकर हम सभी आज स्वतंत्रता का मुख देख रहे हैं। लेकिन इन गलत लोगों के चलते स्वतंत्र होते हुए भी महामारी के दौर में जरूरतमंदों तक मदद के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। वही समाज ऐसे पत्रकारों को सम्मान करता है। जो दबे- कुचले लोग की आवाज बनकर सरकार और अधिकारी तंत्र को आईना। दिखाने का काम करते है। इनके ईमानदार और स्वच्छ पत्रकारिता के कारण समाज लगातार जागरूक होकर एक दूसरे की मदद कर रहा। जो इस महामारी कोरोना जैसी भी विपत्ति में भी देखने को मिल रहा है। इस वैश्विक महामारी की विपत्ति में भी पत्रकार हर रोल को अपने व्यक्तित्व के अनुसार केवल लोगों के मदद के लिए सामने आ रहे हैं। पत्रकार समाज के ऐसे अंग हैं। जो पूरे देश को अपने संचार माध्यम से एक सूत्र में बांधने का काम करता है। इसकी डोर को जो छेड़ेगा उसे समाज कभी नहीं छोड़ेगा। ऐसे असामाजिक तत्वों पर समाज के बुद्धिजीवियों को बहुल रूप में सामने आ कर सबक सिखाने की भी जरूरत है। अंत में उन्होंने कहा कि भुईयां समाज सभी परिस्थिति में पत्रकारों की रक्षा और मदद के लिए मैदान में आंदोलन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपने समाज के योद्धाओं से आह्वान किया कि ऐसे असामाजिक तत्व को सभी को मिलकर अच्छा सबक सिखाना चाहिए। तभी समाज पूरी तरह सुरक्षित और सबल बनकर आगे बढ़ पाएगा।

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