रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड
वैश्विक महामारी के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों को केंद्र व राज्य सरकार के पहल पर मजदूरों की वापस लाने की कवायद तेज कर दी गई है इसी कड़ी में बेंगलुरु में फंसे 12100 मजदूरों को केंद्र व राज्य सरकार के पहल पर अहले सुबह श्रमिक एक्सप्रेस से बरकाकाना लाया गया इसके पूर्व जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न जिलों से बसों को मंगाया गया था जिन बसों पर 25 मजदूरों की संख्या में मैं बिठाकर उनके गृह जिला भेजा गया इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से मजदूरों को नाश्ता के पैकेट पानी की बोतल सैनिटाइजर व मास्क दिया गया। मजदूरों के नहीं हो पाई स्क्रीनिंग बेंगलुरु से पहुंचे 12 सौ मजदूरों को जिला प्रशासन द्वारा स्कैनिंग नहीं कराए जाने के कारण क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों द्वारा बताया गया कि अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों द्वारा किसी भी तरह की एतिहाद ना बरसते हुए मजदूरों को इधर-उधर घूमते हुए देखा गया। बेंगलुरु से आए मजदूरों द्वारा बताया गया कि बेंगलुरु सैलानी से पूर्व मजदूरों से ₹930 करके वसूली की गई जबकि केंद्र सरकार द्वारा 85% राज्य सरकार द्वारा 15% मजदूरों के लाने वाले में होने वाले खर्च का भुगतान किए जाने की प्रावधान है। इसके बावजूद मजदूरों से ₹930 की वसूली की गई। पलामू जिला निवासी नूर मोहम्मद हसन ने बताया कि मजदूरों से ₹930 की वसूली की जाने के कारण कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है। ये अधिकारी थे मौजूद उपायुक्त संदीप सिंह एसपी प्रभात कुमार डीडीसी संजय सिन्हा एसी जुगनू मींस एसबीएम कीर्ति श्री पतरातू अंचल अधिकारी निर्भय कुमार सहित जिले के कई बड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।

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