Sunday, 3 May 2020

पत्रकारिता को आजादी मिलनी चाहिए इसे रोकने वाले पर कार्रवाई की जरूरत- सुशील

                  रिपोर्ट:- आरकांत/तपन रामगढ़
              यूकोवयू प्रतिनिधि सुशील कुमार सिन्हा 

कोयलांचल अरगड्डा क्षेत्र के यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के क्षेत्रीय सह सचिव सुशील कुमार सिन्हा ने रविवार को साफ शब्दों में कहा है कि पत्रकारिता को आजादी मिलनी चाहिए। सिरका- अरगड्डा क्षेत्र में कुछ लोग सच्ची पत्रकारिता को दबाने के लिए अच्छे पत्रकार को ही सोशल मीडिया में बदनाम कर गरीबों की खबरें और समस्याओं से जुड़ी बातों को रोकना चाहते हैं। जो लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरा उत्पन्न करने वाला है। ऐसे कुछ मुट्ठी भर लोग समाज को अपनी करनी से बदनाम कर रहे हैं। इससे क्षेत्र का नाम बदनाम हो रहा है। यहां के युवा पत्रकार रविकांत जी के सच्चे और सही सटीक लेखन से कुछ कलमधारियों को परेशानी होने लगी है। इनकी दुकान बंद होने के कगार पर है। देश सहित इलाके में इस कोरोना कि महामारी के चलते गरीबों का हाल बुरा है। जबकि मध्यमवर्ग भी इससे जूझने लगा। लोगों के पास खाने-पीने और जरूरी वस्तुओं की कमी भी होने लगी है। लेकिन लोग हालात को देखते हुए लॉकडाउन का पालन करते हुए कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इसे देख सभी को सौहार्दपूर्ण वातावरण में जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। वही दूसरी ओर कुछ लोग इसके आड़ में अपना खेल खेलने में लगे हुए हैं। जो इनके चरित्र को चरितार्थ कर रहा है। दिखावे का मुखौटा पहनकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। इन्हें आने वाले दिनों में जनता सबक सिखाने वाली है। पत्रकारों पर सवाल उठने के बाद अरगड्डा- सिरका के आसपास के ग्रामीणों के बीच काफी असंतोष का वातावरण फैला हुआ है। इस हालात में एक आदिवासी नेता को भी असामाजिक तत्वों के द्वारा धमकी दिया गया है। जो क्षेत्र के बढ़ते अपराधिक हालात को दर्शाता है। यहां के गरीबों की मदद वाली खबर प्रकाशन के बाद असामाजिक तत्वों ने पत्रकार के ऊपर ही हमला बोल दिया। इन्हें यहां से हटने तक की फरमान सुना दिया है। जो खुद कई गतिविधि में संलिप्त है। इनसे ईमानदार प्रकार की छवि देखी नहीं जा रही है। वे लगातार क्षेत्र में लोगों के लोकप्रिय होते जा रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए पत्रकार संगठन ईरा ने भी बीते दिनो साफ कर दिया है कि गलत गतिविधियों में संलिप्त पत्रकार का चोला पहने हुए लोगों के पुराने इतिहास को खंगालने के बाद इनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय है। पत्रकारों और पत्रकारिता के ऊपर किसी को भी कोई अधिकार नहीं है कि वह इसे दबाने के लिए कोई साजिश करें। यह बिल्कुल गलत है। इसे लेकर संगठन भी काफी गंभीर है। जिसका असर आने वाले दिनों में अरगडा- सिरका क्षेत्र के लोगों को देखने को मिलेगा। पत्रकारिता एक जनतांत्रिक देश का  स्तंभ है। जिसकी गरिमा लोकतंत्र में अतुल्य है। इस पर सवाल उठाना लोक नियम पर सवाल उठाना जैसा है। अरगडा- सिरका क्षेत्र के युवा पत्रकार रविकांत जी के यहां लगभग 17 वर्षों से अपनी सेवा जनता, किसानों, मजदूरों, गरीबों को अपने कलम के लेखन से दी है। इनकी समस्याओं को बखूबी तरीके से राजतंत्र के सामने रखा है। जिससे समस्या से जूझ रहे लोगों की हालात भी सुधरे हैं। इन पर किसी प्रकार का भी आरोप कहीं से भी नहीं बनता है। जनता सब कुछ जानती है। हम सभी इन इनके सच्चे पत्रकारिता और कार्य की सराहना करते हैं। यह हर वर्ग के लिए सदा सेवाभाव से तैयार रहते हैं। इनके लिए हम सभी मदद को हर स्थिति में तैयार हैं।

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