रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड
आदिवासी जन परिषद लोहरदगा कमिटी ने रामगढ़ के दो आंदोलनकारी नेताओं की गिफ्तारी पर रविवार को रोष जताया। बताया कि जिला रामगढ़ के हेसला रुगंटा इस्पात कंपनी में कार्यरत बुधवा उरांव की अचानक ईलाज के दौरान अस्पताल रांची में मृत्यु होने पर मुआवजा देने की मांग पर बीते 16 अगस्त को बैठे आदिवासी जन परिषद के केन्द्रीय उपाध्यक्ष शत्रुधन बेदिया एवं युवा अध्यक्ष सोमदेव करमाली को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके विरोध में भंडरा प्रखंड के मकुन्दा चौक में जिला रामगढ़ प्रशासन एवं रूंगटा कंपनी का पुतला दहन किया गया। अवसर पर आजप लोहरदगा प्रभारी रंजीत लकड़ा ने कहा कि प्रजातांत्रिक रूप से आदिवासी जन परिषद के कार्यकर्ता अपने हक अधिकार के लिए और बुधवा उरांव का मुआवजा के लिए लड़ रहे थे लेकिन प्रशासन बदले की भावना लेकर के हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसका आदिवासी जन परिषद लोहरदगा कमिटी पुरजोर विरोध करता है। राज्य में आदिवासी सरकार रहने के बावजूद आदिवासियों पर अत्याचार, शोषण वदमन होना दुर्भाग्यपूर्ण है। आंदोलनकारियों को अविलंब रिहा किया जाए । मौके पर अजित उरांव, अजय उरांव, राहुल उरांव, सोमरा उरांव, चंपा उरांव, उमेश उरांव, सहित कई शामिल थे।

No comments:
Post a Comment