Friday, 21 October 2022

कजंगी में समाजसेवी बैगा की प्रथम पुण्यतिथि पर ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि

 


सिरका। कंजगी में शुक्रवार को समाजसेवी स्वर्गीय बैंगा करमाली की प्रथम पुण्यतिथि पर याद करते हुए ग्रामीणों व परिजनों ने दिवंगत के चित्र पर पुष्प माला फूल अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि अरगड्डा- सिरका मोड़ में प्रथम दुकान बैगा करमाली की थी। जिस कारण उक्त मोड़ का नाम इनके नाम से लोग जानते हैं। वे मंडा पूजा में भक्तों को अपनी सेवा देते थे। इन्हें कभी भुला नहीं जा सकता हैं। श्रद्धांजलि देने वालों में बुमरी पूर्व मुखिया मिनी देवी, अक्षय कुमार, विक्की करमाली, मोहन ठाकुर, मालती देवी, सीता देवी, उपासी देवी, कलवा देवी, रिंकू देवी, लक्ष्मी, राज करमाली आदि शामिल हैं।

एसवीएम में दीपोत्सव पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता आयोजित

 चित्रकला में सफल अदिवी, दिलासा दीपिका होंगे पुरस्कृत 



 सिरका।अरगड्डा क्षेत्र के सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में शुक्रवार को कक्षा प्रथम से लेकर पंचम तक के करीब 40 भैया- बहनों ने दीपावली के दीपोत्सव को लेकर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता आयोजन में भाग लिया। इनमें चित्रकला में कक्षा चतुर्थ प्रथम स्थान आदिव पटेल, कक्षा द्वितीय दूसरा स्थान दिलासा कुमारी, कक्षा चतुर्थ तृतीय स्थान दीपिका कुमारी रहीं। अवसर पर छात्रों को प्रचार्य कुमार विमलेश द्वारा दीपावली के ऐतिहासिक महत्व और संस्कृति से जुड़ाव के बारे में बताया गया। जबकि प्रभारी आचार्य सुंदर कांत झा ने बच्चों को सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने, पूरे देश में दीपावली के त्योहार का उत्सव, भगवान श्री गणेश, लक्ष्मी पूजन, रोशनी, रंगोली, पटाखे, घर, मंदिरों दुकानों में सफाई, सज्जा आनंद व खुले में आतिशबाजी करने के बारे में बताया। साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के लिए धुवा कम करने, आंखों की जलन को रोकने संबंधी जानकारी दी। मौके पर एसवीएम के कई आचार्य, विद्यालय परिवार सदस्य, कर्मचारी व अन्य उपस्थित थे।

Saturday, 17 October 2020

मां के भक्तों ने नवरात्र पूजा आरंभ कर सुख शांति की कामना की

रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड

कोयलांचल अरगड्डा, सिरका, जीएम ऑफिस समेत आस-पास के गांव टोंगी, पडरिया, चपरी, कंजगी, बुमरी, हेसला, मनुआ, फुलसराय के मां वैष्णो, दुर्गा के भक्तों ने शनिवार से अपने घरों और सार्वजनिक पूजन स्थल पर कलश स्थापना कर नवरात्र पूजा आरंभ कर दी। अवसर पर ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ पूरे विधि विधान और दूरी बनाकर की गई। सभी ने जगत जननी माता दुर्गा से वर्तमान महामारी विपत्ति को जल्द शांत करने और सुख शांति का आशीर्वाद मांगा। पूजा के लिए महिला भक्तों ने फल, फूल, मिष्टान्न, लाल चुनरी, सिंदूर अर्पण मां के चित्र सिंहासन में रखकर आराधना किया।इस दौरान पूरे क्षेत्र में मां के जयकारों का उद्घोष पूजन अवसर पर घरों और सार्वजनिक पूजा पंडालों पर होता रहा। पूरा क्षेत्र भक्ति के सरोवर में डूबा रहा।

Friday, 16 October 2020

आदिवासी जन परिषद जमीन और धर्म के मांग को लेकर 20 को आंदोलन पर उतरेगी

धर्मकोड संपूर्ण आदिवासियों के लिए मील का पत्थर होगा साबित- प्रेमशाही

  रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड

                     

आदिवासी जन परिषद की करम टोली रांची कार्यालय में प्रेमशाही मुंडा की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। संचालन प्रधान महासचिव अभय भुट कुंवर ने की।  बैठक में मुख्य रूप से आदिवासियों के दो मुद्दे जमीन और धर्मपर विशेष रूप से चर्चा की गई।  बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय  स्तर पर आदिवासी धर्म कोड का संपूर्ण देश के आदिवासियों की एकता और अखंडता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। भारतवर्ष में महाराष्ट्र से त्रिपुरा तक कश्मीर से कन्याकुमारी तक आदिवासी समाज एकतावद्ध तरीके से मजबूत होंगे। संपूर्ण भारतवर्ष में आदिवासियों की जनसंख्या हिंदू, मुस्लिम धर्मा वलियों के बाद जनसंख्या के आधार पर तृतीय स्थान पर पाया जाता है। जनसंख्या के आधार पर 10 करोड़ से ऊपर है। भारत में आदिवासियों को धार्मिक एवं  संस्कृति मान्यता है। आदिवासी पूरे भारत में प्राकृतिक पूजक हैं। देश में लगभग 700 प्रकार के आदिवासी समुदाय पाई जाती है। सभी समुदाय को आदि, सगी, भीली, कोया, पूनम, आका, डोगी पोलो, सरना,  साफा होड़,  बिरसायत  आदि अपने अपने क्षेत्र में क्षेत्रीय स्तर अपना धर्म है। कोई सरना स्थल,  जाहेरथान, चला टोंका  यदि स्थल पर पूजा करते हैं। इन सभी को अलग-अलग पुकारते  हैं। लेकिन सब एक हैं।  मिलकर  आदिवासी धर्म को मानते हैं। जबकि पूरे देश में विभिन्न धर्मों के जैसे हिंदू मुस्लिम, सिख, ईसाई बौद्ध धर्म का उल्लेख भारत के जनगणना प्रपत्र में किया गया है। आदिवासियों को धर्मकोड के अभाव में आदिवासियों की जनगणना विभिन्न धर्मों में कर दिया जाता है। जिस कारण आदिवासियों की संख्या धार्मिक रूप से बिलुप्त होने की  स्थिति मैं आ गया है। इसकी कानूनी मान्यता नहीं मिलने के  कारण आदिवासी धार्मिक न्यास बोर्ड नहीं बन पाया। देश में आदिवासी को धार्मिक रूप से जनसंख्या का आंकड़ा का भी पता नहीं चल पाता है। इसे सही-सही बजट नहीं बन पाता है। इसमें ट्राइबल सब प्लान की राशि आदिवासियों के विकास के लिए हर प्रदेशों में  सही ढंग से नहीं जा पाता है। कार्यक्रम में टाटा की सामाजिक कार्यकर्ता पार्वती मंडा, गिद्दी 'ए' ग्राम कुरकुट्टा के अमित बेदिया ने आदिवासी जन परिषद की सदस्यता ली। बैठक में 7 सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में प्रधान महासचिव अभय भुट कुंवर,  महिला मोर्चा के अध्यक्ष शांति सवैया, केन्द्रीय उपाध्यक्ष शत्रुघन बेदिया, सिकंदर मुंडा, युवा मोर्चा अध्यक्ष सोमदेव करमाली, श्रवण लोहरा, नागेश्वर लोहरा, संजीव वर्मा, सेलिना लकड़ा, रामप्रसाद नायक, प्रेमा तिर्की, सिनी होनहंगा, जयदेव  भगत, जेनिता  तिग्गा, पुष्पा टोप्पो,सोनी प्रिया अजय बेदिया, दिनेश  बेदिया,अमित बेदिया, श्यामलाल बेदिया, रस्मी देवी, संगीता बेदिया, अशोक बेदिया, शिवराज  बेदिया, अरुण बेदिया आदि उपस्थित थे।

कंजगी के महिलाओं ने स्वरोजगार को लेकर की बैठक

रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड 


कंजगी के हरिजन कॉलोनी में शुक्रवार को दर्जनों महिलाओं ने स्वरोजगार को लेकर बैठक आयोजित की इसकी अध्यक्षता महिला नेत्री कविता देवी ने किया। बैठक में आदिवासी जन परिषद के जिला रामगढ़ सचिव रामप्रसाद नायक उपस्थित रहे। अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अभी के विपरीत हालात में रोजगार को लेकर हर कोई चिंतित है। इसमें सबसे ज्यादा गांव में रहने वाले गरीब परिवार कैसे गुजारा करें इन बातों को लेकर चर्चा हुई। अंत में स्वरोजगार पर जोर देते हुए, मोमबत्ती, अगरबत्ती, सर्फ, साबुन बनाकर स्वावलंबी होने पर महिलाओं ने बल दिया। सभी ने इसे लेकर अभियान चलाने की बात कहीं। साथ ही इसके लिए प्रशिक्षण आजप ने गांव की महिलाओं को देने का संकल्प भी लिया। मौके पर ज्योति देवी, उर्मिला देवी, सोहरी देवी, आशा देवी, लालमुन्नी देवी, दशमी देवी, गुलाबी देवी, कैली देवी, सुमन देवी, सालो देवी, ललिता देवी आदि महिलाएं उपस्थित थी।

कोयलांचल अरगड्डा- सिरका में नवरात्र पर भक्त मां की करेंगे आराधना, तैयारी पूरी

                  रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड

कोयलांचल अरगड्डा- सिरका, जीएम ऑफिस समेत आस-पास के गांव पडरिया, टोंगी, बुमरी, चपरी, कंजगी, हेसला, मनुवां, फुलसराय, बिंझार के भक्तों द्वारा मां जगत जननी की पूजा आज नवरात्र पर शनिवार से कलश रखकर आरंभ की जाएगी। इसे लेकर पूजा पंडालों में भी दुर्गा सप्तशती पाठ ब्राह्मणों द्वारा विधिवत पूरी करवाई जाएगी। इस बार पूजा को लेकर भीड़- भाड़ नहीं लगाने और गाइडलाइन का भी पालन करने की कोशिश होगी। क्षेत्र के पूजा पंडालों को साधारण रूप से तैयार किया जा रहा है। जिसके लिए कारीगर अपने कामों में लगे हुए हैं। पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा भी छोटी बनाई जा रही है। पूजा को लेकर बाजारों के दुकानों में फल, फूल, चुनरी और मिष्ठान दुकानदार रखकर भक्तों के इंतजार में बैठे हुए है।

Thursday, 15 October 2020

आदिवासी जन परिषद ने कोल्हान प्रमंडल के जिला-पश्चिमी सिंहभुम में जन सम्पर्क अभियान चलाया

                  रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड


आदिवासी जन परिषद के सुखलाल लागुरी ने ग्राम- सुरबूड़ा द्वारपरोम में विभिन्न समाजिक, आर्थिक, धार्मिक, शैक्षणिक समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। पूरे ग्राम का दौरा किया गया। साथ ही सरकारी योजनाओं को लाभ दिलाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाया गया। साथ ही साथ आदिवासियों को जनगणना 2021 में आदिवासी धर्म कोड काॅलम मांग के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। मौके पर आदिवासी जन परिषद के सदस्य व ग्रामीण उपस्थित थे।

कजंगी में समाजसेवी बैगा की प्रथम पुण्यतिथि पर ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि

  सिरका। कंजगी में शुक्रवार को समाजसेवी स्वर्गीय बैंगा करमाली की प्रथम पुण्यतिथि पर याद करते हुए ग्रामीणों व परिजनों ने दिवंगत के चित्र पर प...