धर्मकोड संपूर्ण आदिवासियों के लिए मील का पत्थर होगा साबित- प्रेमशाही
रिपोर्ट आरकांत/तपन झारखंड

आदिवासी जन परिषद की करम टोली रांची कार्यालय में प्रेमशाही मुंडा की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। संचालन प्रधान महासचिव अभय भुट कुंवर ने की। बैठक में मुख्य रूप से आदिवासियों के दो मुद्दे जमीन और धर्मपर विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी धर्म कोड का संपूर्ण देश के आदिवासियों की एकता और अखंडता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। भारतवर्ष में महाराष्ट्र से त्रिपुरा तक कश्मीर से कन्याकुमारी तक आदिवासी समाज एकतावद्ध तरीके से मजबूत होंगे। संपूर्ण भारतवर्ष में आदिवासियों की जनसंख्या हिंदू, मुस्लिम धर्मा वलियों के बाद जनसंख्या के आधार पर तृतीय स्थान पर पाया जाता है। जनसंख्या के आधार पर 10 करोड़ से ऊपर है। भारत में आदिवासियों को धार्मिक एवं संस्कृति मान्यता है। आदिवासी पूरे भारत में प्राकृतिक पूजक हैं। देश में लगभग 700 प्रकार के आदिवासी समुदाय पाई जाती है। सभी समुदाय को आदि, सगी, भीली, कोया, पूनम, आका, डोगी पोलो, सरना, साफा होड़, बिरसायत आदि अपने अपने क्षेत्र में क्षेत्रीय स्तर अपना धर्म है। कोई सरना स्थल, जाहेरथान, चला टोंका यदि स्थल पर पूजा करते हैं। इन सभी को अलग-अलग पुकारते हैं। लेकिन सब एक हैं। मिलकर आदिवासी धर्म को मानते हैं। जबकि पूरे देश में विभिन्न धर्मों के जैसे हिंदू मुस्लिम, सिख, ईसाई बौद्ध धर्म का उल्लेख भारत के जनगणना प्रपत्र में किया गया है। आदिवासियों को धर्मकोड के अभाव में आदिवासियों की जनगणना विभिन्न धर्मों में कर दिया जाता है। जिस कारण आदिवासियों की संख्या धार्मिक रूप से बिलुप्त होने की स्थिति मैं आ गया है। इसकी कानूनी मान्यता नहीं मिलने के कारण आदिवासी धार्मिक न्यास बोर्ड नहीं बन पाया। देश में आदिवासी को धार्मिक रूप से जनसंख्या का आंकड़ा का भी पता नहीं चल पाता है। इसे सही-सही बजट नहीं बन पाता है। इसमें ट्राइबल सब प्लान की राशि आदिवासियों के विकास के लिए हर प्रदेशों में सही ढंग से नहीं जा पाता है। कार्यक्रम में टाटा की सामाजिक कार्यकर्ता पार्वती मंडा, गिद्दी 'ए' ग्राम कुरकुट्टा के अमित बेदिया ने आदिवासी जन परिषद की सदस्यता ली। बैठक में 7 सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में प्रधान महासचिव अभय भुट कुंवर, महिला मोर्चा के अध्यक्ष शांति सवैया, केन्द्रीय उपाध्यक्ष शत्रुघन बेदिया, सिकंदर मुंडा, युवा मोर्चा अध्यक्ष सोमदेव करमाली, श्रवण लोहरा, नागेश्वर लोहरा, संजीव वर्मा, सेलिना लकड़ा, रामप्रसाद नायक, प्रेमा तिर्की, सिनी होनहंगा, जयदेव भगत, जेनिता तिग्गा, पुष्पा टोप्पो,सोनी प्रिया अजय बेदिया, दिनेश बेदिया,अमित बेदिया, श्यामलाल बेदिया, रस्मी देवी, संगीता बेदिया, अशोक बेदिया, शिवराज बेदिया, अरुण बेदिया आदि उपस्थित थे।